रक्षाबंधन पर भद्रा का साया

रक्षाबंधन पर भद्रा का साया
रेवाड़ी 29अगस्त
। रक्षाबंधन के त्योहार पर विभिन्न ज्योतिष आचार्यो के विभिन्न मत होने से त्योहारो का रंग फीका पड़ता जाता है। ऐसा पहली बार नहीं है जब हिंदू त्योहारों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो रही हो। केवल हिंदू संस्कृति में ही त्योहारों का मतभेद अनुसार मनाया जा रहा है। ज्यों ज्यों देश में विज्ञान बड़ा है त्यों त्यों भ्रम की स्थिति बड़ी है।ऐसी भ्रामक स्थितियों में त्योहार के दिन का कोई औचित्य नहीं रह गया है। अब इसे अंधविश्वास कहे या डर की आशंका की त्योहार से पूर्व और त्योहार के दिन के बाद भी यह त्यौहार मनाए जा रहे हैं। कई बहनों ने आज ही रक्षाबंधन त्यौहार मनाया है और बाद में भी मनाया जाएगा। त्यौहार एक विशेष दिन पर मनाया जाता है।जिसमें खुशियों का कारण होता है मत मतांतर से लोगों को भ्रम की स्थिति में डालने वाले स्वयं पंचांग की गणना करने में असमर्थ है।लोगों को भी ऐसी भ्रम की स्थितियों से बचना चाहिए