पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का किया दौरा

बावल /रेवाड़ी। पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने आज बावल विधानसभा के गांव रामसिंहपुर ऑडी स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का दौरा किया। दौरा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कैप्टन अजय सिंह यादव ने बताया सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को सरकार ने 2019 तक पूरा करने का वायदा किया था। लेकिन 5 साल ऊपर होने के बावजूद अभी नहीं लग रहा कि यह कार्य अभी पूरा होने वाला भी है। श्री यादव ने बताया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं तो इस सारे कचरे को छुपाने के लिए दीवार बनवाई जा रही है। दीवार बनाकर भाजपा सरकार अपनी नाकामयाबी छुपा रही है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आजादी का अमृतकाल आपके सामने पेश है। जहां 2019 तक कचरे का निस्तारिकरण करके खाद्य किसानों को देनी चाहिए थी लेकिन यहां तो कचरे को छुपाया जा रहा है। लॉकडाउन से पहले नगर परिषद की ओर से गीले कचरे के निस्तारण के लिए एरोबिक कंपोस्ट प्लांट लगाने का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। इस प्लांट के लगने से गीले कचरे से खाद बनाई जाएगी, जिसका इस्तेमाल खेती-बाड़ी में हो सकेगा। करीब 50 प्रतिशत कचरा गीला ही होता है। उन्होंने बताया रामसिंहपुरा में कचरे की री-साइक्लिंग नहीं होने के कारण इसके ढेर बढ़ते ही जा रहे हैं। इससे आसपास दुर्गंध और संक्रामक रोग फैलने की आशंका बढ़ गई है। पास से नहर भी गुजर रही है जिसके चलते यहाँ का पानी भी खराब हो रहा है। वहीं, हर साल ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र नहीं होने के कारण रैंकिंग में भी स्वच्छता सर्वेक्षण में जिला पिछड़ रहा है।कैप्टन अजय सिंह यादव ने बताया ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र अभी तक न बन पाने का खामियाजा शहर को ही उठाना पड़ रहा है। शहर में तमाम गलियों से कचरा उठने के बाद शहर के ही दर्जन भर से ज्यादा मोहल्लों में बने डंपिंग प्वाइंट में डाल दिया जाता है। यहां से काफी समय बाद कूड़ा दोबारा उठा बाहर डाला जाता है। लेकिन इस बीच कचरे की दुर्गंध से आसपास का माहौल पूरी तरह दुर्गंधयुक्त हो जाता है। इसके अलावा मक्खी-मच्छर पनपने के चलते बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।

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