लचर स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल एंबुलेंस कैसे मिले गंभीर रोगियों को उपचार 1 घंटे बाद पहुची सूचना के एम्बुलेंस
लचर स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल एंबुलेंस कैसे मिले गंभीर रोगियों को उपचार 1 घंटे बाद पहुची सूचना के एम्बुलेंस

लचर स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल एंबुलेंस कैसे मिले गंभीर रोगियों को उपचार 1 घंटे बाद पहुची सूचना के एम्बुलेंस
मुजफ्फरनगर:– शहर के हृदय स्थलीय का जाने वाले महावीर चौक पर दीपावली की रात से अघोषित बस अड्डे के पास बने यात्री स्टैंड पर एक राहगीर गंभीर अवस्था में पड़ा था जिसको आज देर शाम लगभग 4:30 पर चौराहे पर खड़े होने वाले ठेले वालों ने इंसानियत का परिचय देते हुए उसकी काफी देर से पड़े रहने पर देखा तो उसको बेसुध गंभीर अवस्था में पाया जिस पर उन्होंने तत्काल जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष राजीव गोयल वह कार्यालय प्रभारी रचित गोयल को सूचना दी जिस पर उन्होंने तत्काल 4: 30 मिनिट पर एसएचओ सिविल लाइन को सूचना दी व 4:44 पर 108 पर एंबुलेंस हेतु सूचना दी जिस पर तत्काल ही चीता 19 मौके पर पहुंची ओर मौका मुआयना किया। लेकिन गंभीर बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग के लाख दावों के बावजूद भी जनपद मुख्यालय पर एंबुलेंस ने होने के कारण मोरना से एंबुलेंस आई जो 5:28 पर घटनास्थल पर पहुंची तो पाया एंबुलेंस में पंचर तो वही एंबुलेंस में स्टेपनी भी नहीं थी तत्काल उसमें हवा की व्यवस्था करवाई गई और उसे राहगीर को चीता पुलिस व आसपास के लोगो की सहायता से एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया यह विचारणीय प्रशन यह उठता हे कि 1 घंटे के लगभग जिला अस्पताल से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर भी एंबुलेंस का समय से ना पहुंच पाना सरकार के जिला अस्पताल के दावों को झुठलाता है । ऐसी स्थिति में यदि किसी भी गंभीर रोगी को समय से उपचार न मिलने पर या कोई भी आकस्मिक दुर्घटना घटने का जिम्मेदार आखिर कौन होगा ?

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