गाजियाबाद में वकीलों पर लाठी चार्ज के विरोध में
गाजियाबाद में वकीलों पर लाठी चार्ज के विरोध में

( गाजियाबाद में वकीलों पर लाठी चार्ज के विरोध में)
ऊन तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने बाजू पर काली पट्टी बांधकर मनाया विरोध दिवस
* मुख्यमंत्री का नाम एक ज्ञापन भी सोपा गया डीएम को
झिंझाना 4 नवंबर : बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के आवाहन पर ऊन तहसील में भी अधिवक्ताओं ने एक मीटिंग का आयोजन कर उसमें न्यायालय के कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया। और इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन डीएम शामली को भी दिया गया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए ऊन बार काउंसिल के सचिव अमित सरोहा ने बताया कि गाजियाबाद में कुछ ही दिन पहले अधिवक्ताओं पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में और बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के आवाहन पर आज 4 नवंबर को न्यायालय के कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया। और काली पट्टी बांधकर गाजियाबाद के इस प्रकरण की निंदा की गई ।तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी तहसील समाधान दिवस में पहुंचे शामली जिला अधिकारी अरविंद चौहान को सौंपा गया।
ऊन में मुंसफी कोर्ट की मांग
इसके अलावा भी एक ज्ञापन और मुख्यमंत्री के नाम अधिवक्ताओं ने दिया जिसमें बताया गया कि 2015 में ऊन तहसील की स्थापना हुई थी और तब से आज तक कोई मुंसफी कोर्ट नहीं है। इसलिए ऊन में मुंसफी कोर्ट बनाए जाने की मांग की गई है।

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