पाकिस्तान में इमरान खान के समर्थकों का बवाल, हिंसा में 5 रेंजर्स की मौत पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों ने बड़े पैमाने पर हंगामा कर दिया है

पाकिस्तान में इमरान खान के समर्थकों का बवाल, हिंसा में 5 रेंजर्स की मौत पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों ने बड़े पैमाने पर हंगामा कर दिया है

पाकिस्तान में इमरान खान के समर्थकों का बवाल, हिंसा में 5 रेंजर्स की मौत पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों ने बड़े पैमाने पर हंगामा कर दिया है। इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर सैकड़ों समर्थक इस्लामाबाद में घुस आए और हिंसा की।इन समर्थकों ने श्रीनगर हाईवे पर रेंजर्स के जवानों को अपनी गाड़ियों से कुचल दिया, जिसके कारण 5 रेंजर्स की मौत हो गई।

 

इस हिंसा के दौरान अब तक कुल 5 रेंजर्स और 2 पुलिस अधिकारियों की जान चली गई है। इसके अलावा 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पाकिस्तान सरकार ने हालात को काबू में करने के लिए पाकिस्तानी सेना को बुलाया है।

 

वहीं सेना को आतंकवादियों और अशांति फैलाने वालों से सख्ती से निपटने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही स्थिति को नियंत्रित करने के लिए “देखते ही गोली मारने” का आदेश भी जारी किया गया है।

 

पाकिस्तान में यह घटनाएं इमरान खान के समर्थकों द्वारा उनके नेता की रिहाई की मांग को लेकर उठाई गईं हैं। देश में बढ़ती हिंसा और अशांति के कारण सुरक्षा बलों को अतिरिक्त कदम उठाने की जरूरत पड़ रही है।

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इसके साथ ही पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन में बढ़ती हिंसा को देखते हुए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ने अनुच्छेद 245 के तहत सेना को बुलाया है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

 

इमरान खान के समर्थक उनकी रिहाई की मांग को लेकर संसद तक मार्च निकालने की योजना बना रहे हैं और धरना देने का ऐलान किया है। इस बढ़ते विरोध को देखते हुए सरकार ने सख्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं। प्रदर्शनकारियों को संसद तक जाने से रोकने के लिए राजधानी की सड़कों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं। इसके बावजूद इमरान खान के समर्थकों ने इन बैरिकेड्स को हटा दिया और पुलिस के साथ हिंसक झड़पें कीं।

 

इस हिंसा और विरोध को लेकर पाकिस्तान में स्थिति बहुत तनावपूर्ण हो गई है और सरकार ने प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपटने का फैसला लिया है। अब सेना और सुरक्षा बलों को मामले पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत है।