महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद अब MVA यानी महाविकास अघाड़ी में टूट के आसार हैं

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद अब MVA यानी महाविकास अघाड़ी में टूट के आसार हैं

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद अब MVA यानी महाविकास अघाड़ी में टूट के आसार हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन खबरें हैं कि उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी के अधिकांश विधायक MVA से अलग होने का दबाव बना रहे हैं। साथ ही चुनावों में अपने दम पर उतरने का सुझाव दे रहे हैं। शिवसेना यूबीटी ने 96 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 20 पर जीत हासिल की थी।

 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को ठाकरे की तरफ से बुलाई गई बैठक में अधिकांश विधायकों ने कथित तौर पर गठबंधन छोड़ने की अपील की है। अखबार को सूत्रों ने बतााया है कि आदित्य ठाकरे, संजय राउत और ठाकरे के अलावा पार्टी के कई और बड़े नेता ‘बीजेपी के खिलाफ एकजुट विपक्ष’ रखने के लिए गठबंधन बनाए रखने के पक्ष में हैं।

 

अखबार से बातचीत में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने कहा, ‘हमारे कई विधयकों को लगता है कि अब समय आ गया है कि शिवसेना यूबीटी स्वतंत्र राह बनाए, खुद के दम पर चुनाव लड़े और किसी गठबंधन पर निर्भर न रहे। शिवसेना कभी भी सत्ता के पीछे नहीं थी…। जब हम हमारी विचारधारा पर अडिग रहेंगे, तो यह अपने आप ही हमारे पास आ जाएगी।’

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रिपोर्ट के अनुसार, शिवसेना यूबीटी नेताओं को लगता है कि अपने जनाधार से जुड़ने का तरीका MVA को छोड़ना और उसे शिंदे सेना के साथ जुड़ने से रोकना ही है। अखबार के मुताबिक, हारने वाले एक शिवसेना यूबीटी नेता का दावा है कि पार्टी कैडर के कई लोग ‘हार के बाद ठाकरे के प्रति अपनी वफादारी पर भी सवाल उठा रहे हैं।’ माना जाता है कि 2022 में टूट के बाद जब कई बड़े नेता शिंदे गुट में शामिल हो गए थे, तब कैडर ठाकरे परिवार का वफादार बना रहा था।

 

एकता पर भी सवाल

 

अखबार के अनुसार, शिवसेना यूबीटी के कई नेता MVA में एकता पर भी सवाल उठा रहे हैं। वह सीट शेयरिंग में देरी, कांग्रेस नेताओं की तरफ से शिवसेना यूबीटी उम्मीदवारों के समर्थन के बजाए निर्दलीयों की मदद का भी हवाला दे रहे हैं। सोलापुर दक्षिण में कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे ने मतदान के दिन बागी उम्मीदवार का समर्थन किया था। जबकि, सीट पर MVA का उम्मीदवार शिवसेना यूबीटी से था।

 

महाराष्ट्र सीएम

 

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों का ऐलान शनिवार को हो चुका है, जिसमें महायुति ने बंपर जीत दर्ज की थी। हालांकि, अब तक शिवसेना, भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बीच मुख्यमंत्री को लेकर सहमति नहीं बनी है। कहा जा रहा है कि रेस में देवेंद्र फडणवीस का नाम सबसे आगे चल रहा है।