धरती की पुकार ” हिंदी नाटक युद्धवीर बकोलिया के निर्देशन में जागरुकता का सशक्त नाट्य रुप

” धरती की पुकार ” हिंदी नाटक युद्धवीर बकोलिया के निर्देशन में जागरुकता का सशक्त नाट्य रुप

3
1
2
3
4
18
7
WhatsApp Image 2023-03-27 at 13.05.32
12
6
16
5
13

मैं युद्धवीर बकोरिया एक कलाकार
लेखक वह निर्देशक हु , मैंने श्री राम सेंटर परफॉर्मिंग आर्ट, से अभिनय का प्रशिक्षण लिया है, और पिछले 14 वर्षों से दिल्ली के रंगमंच से सक्रिय रुप से जुड़ा हु इस दौरान 19 नाटकों का सफल लेखन वह मंचन कर चुका हूं, मेरे कार्य को सरआया गया है और कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया है रंगमंच के साथ-साथ मैं सिनेमा के माध्यम से भी सामाजिक बदलाव लाने का प्रयास कर रहा हूं मैंने youtube पर कई समाजिक संदेशों पर आधारित फिल्में बनाई हैं , जिनमें महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और समाज के कई विभिन्न समस्याओं को दर्शाया गया है ग्लोबल वॉर्मिंग पर आधारित पर्यावरण संरक्षण केवल एक विषय नहीं बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए जिम्मेदारी है हाल ही में, राष्ट्रीय नाट्य विधायक के वरिष्ठ कलाकारों के साथ हिंदी नाटक ” धरती की पुकार ” हिंदी नाटक का लेखन निर्देशन वह मंचन किया, जो ग्लोबल वॉर्मिंग पर आधारित था कलाकारों का जोश और प्रतिबद्धता देखना अपने आप में प्रेरणादायक थी, इस नाटक को दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली कई लोग भावुक हों गए, नाटक की सफलता यही है कि यदि हम एक भी व्यक्ति की सोच बदल पाए तो हमारा प्रयास सफल है, यह नाटक बहुत ही प्रभावशाली रहा किस तरह प्रदूषण प्लास्टिक और तकनीक का अंधाधुन प्रयोग हमारी पृथ्वी को नुकसान पहुंचा रहा है, यह नाटक सिर्फ एक प्रस्तुति नहीं बल्कि चेतावनी है इंसान की लापरवाही से धरती किस तरह सीढ़ी हो रही है प्रदूषण प्लास्टिक पेड़ों की कटाई इन सब में हमारी धरती को बीमार बना दिया है