कुरान पूरी इंसानियत के लिए हिदायत का ज़रिया – मौलाना मुफ्ती मुबीन

कुरान पूरी इंसानियत के लिए हिदायत का ज़रिया – मौलाना मुफ्ती मुबीन

उमेश गुप्ता जी न्यूज़ इंडिया जिला संवाददाता संभल

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सम्भल – मदरसा जामिया इस्लामिया तालीमुल कुरान मोहल्ला बगीचा के सालाना जलसे का आयोजन हुआ। जिसमें मदरसे के दो होनहार कुरान हिफ्ज़ करने वाले बच्चों को सनद देकर दस्तारबंदी की गई।
सालाना जलसे की शुरूआत क़ारी मुहम्मद सुलेमान ने तिलावते मुकददस किताब से की। क़ारी असद ने हम्द और नात से लोगों के दिल को मुअततर कर दिया।
जलसे की सदारत मौलाना मुफ्ती नाज़िम व निज़ामत मौलाना कलीम ने की
जलसे को खिताब करते हुए उमरी कला से तशरीफ़ लाए मेहमाने खूसुसी मौलाना मुफ्ती याकूब ने कहा कि हाफ़िज़े कुरान बच्चा अपनी नस्लों की बख्शिश कराता है। एक हाफ़िज़ अपने साथ दस ऐसा लोगों को लोगों को जन्नत में लेकर जाएगा।जो जहन्नुम में जाने वाले होंगे। अल्लाह ने हाफ़िज़ ए कुरान को बड़ा मर्तबा दिया है। इसलिए अपने बच्चों को दुनियावी तालीम के साथ दीनी तालीम भी हासिल कराएं। कुरान को अच्छे अंदाज़ में पढ़ें और नमाज़ की पाबंदी करें ।क्योंकि नमाज़ में हर परेशानी का हल है।कुरान अल्लाह की किताब हैं। इसमें कयामत तक कोई बदलाव नही हो सकता। यह आसमान से आई किताब हैं।
बाहर से तशरीफ़ लाए मुफ्ती मुबीन ने नबी की सुन्नतों पर अमल करने की नसीहत फरमाते हुए कुरान की फज़ीलत को बयान किया। कहा कि नबी की आज के दौर में सुन्नतों को जिंदा करना बड़ा सवाब है।
कुरान की फज़ीलत पर रोशनी डालते हुए कहा कि कुरान को अच्छे अंदाज में पढ़ना चाहिए। मुसलमान बुराइयों को छोड़ कर अल्लाह व पैगंबर-ए-इस्लाम के बताए रास्ते पर अमल करे। उन्होंने कहा कि वही क़ौम तरक्की करती है, जो अपने बच्चों की तालीम पर तबज्जो देती हैं। तालीम के साथ बेहतरीन तरबियत भी दी जाए।
नमाज़ और अल्लाह का ज़िक्र और दीन के रास्ते पर चलने की नसीहत दी।
उन्होंने कुरान हाफ़िज़ कुरान की अहमियत को बयान करते हुए कहा कि इस्लाम की नज़र में हाफ़िज़-ए- क़ुरान की अहमियत और दर्जा बहुत ऊंचा है। जो लोग पाक कुरान की तालीम में लगे हुए हैं, ।वे अल्लाह और नबी की नज़र में अच्छे और पसंदीदा हैं।
कुरान के हाफ़िज़ का अल्लाह की नज़र में एक आला मक़ाम है। कुरान को याद करने और दूसरों को याद कराने की वजह से हाफ़िज़ कुरान को यह मुकाम हासिल हुआ है।
इस्लाम और कुरान-ए-करीम के बताए रास्ते पर चलकर पूरी इंसानियत को कामयाबी की राह पर लाया जा सकता है।
हाफिज़-ए-कुरान बनकर कौम के बच्चों को दीनी तालीम देंगे। वह आगे चलकर देश और कौम की खिदमत अंजाम देंगे।
जलसे की निगरानी क़ारी मुरसलीन ने की।

मुहम्मद फ़ैज़, इब्ने हसन,रुशदा बिंते मुहम्मद नाज़िम, मुहम्मद इब्ने आदि की दस्तारबंदी की गई।
आखिर में मौलाना ने मुल्क और कौम की तरक्की और अमन के लिए दुआ कराई गई।
इस अवसर पर मोहम्मद वसीम, मुहम्मद इमरान, मुहम्मद सलीम, मुहम्मद अनस आदि मौजूद रहे।