शाह इस्लामिक लाइब्रेरी में विशेष परामर्श बैठक का हुआ आयोजन

शाह इस्लामिक लाइब्रेरी में विशेष परामर्श बैठक का हुआ आयोजन

 

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मुजफ्फरनगर । प्रसिद्ध शैक्षिक संस्थान शाह इस्लामिक अकैडमी में एक दिवसीय विशेष मशाविरती परामर्श बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शहर की मस्जिदों के इमाम, मदरसों के शिक्षक और ज़िला जमीयत उलमा के प्रमुख पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। रमज़ान के मुबारक महीने की आमद के मद्देनज़र आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता मौलाना अब्दुल खालिक नईमी कासमी (महासचिव, ज़िला जमीयत उलमा) ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बेहतर कार्यों की सफलता का पहला नियम आपसी परामर्श है। आज के दौर में संगठित और अनुशासित व्यवस्था उम्मत की सबसे अहम ज़रूरत है। इसकी शुरुआत सबसे पहले बुद्धिजीवी वर्ग को करनी होगी, तभी आम जनता को इसकी अहमियत समझ आएगी। उन्होंने शाह इस्लामिक अकैडमी की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था हमेशा धार्मिक और सामुदायिक मामलों में आपसी सहयोग और एकता को बढ़ावा देने का काम करती रहती है। बैठक का संचालन कारी मोहम्मद खालिद बशीर कासमी ने किया। उन्होंने बैठक के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रमज़ान का पवित्र महीना जल्द ही शुरू होने वाला है। ऐसे में शहर और ज़िले के लिए एक संगठित और सुव्यवस्थित योजना बनाना आवश्यक है, ताकि रमज़ान के दौरान व्यक्तिगत इबादतों के साथ-साथ सामूहिक कार्यों का भी उचित प्रबंध किया जा सके और सामाजिक एवं कल्याणकारी कार्यों को और अधिक बढ़ावा दिया जाए। इस बैठक में प्रमुख वक्ताओं में मुफ्ती ज़हीर अहमद अलीग कासमी, मुफ्ती शराफ़त अली मिफ़्ताही, मुफ्ती मोहम्मद ज़ाहिद कासमी, मौलाना मोहम्मद जमशेद कासमी, कारी मोहम्मद इमरान रहीमी आदि ने अपने विचार रखे। बैठक में ज़िला जमीयत उलमा द्वारा तैयार की गई जंतरी (कैलेंडर) का विमोचन किया गया। साथ ही, ज़िला मजिस्ट्रेट (डीएम) मज़फ्फरनगर को सौंपने के लिए एक ज्ञापन (मेमोरेंडम) भी पारित किया गया, जिसमें रमज़ान के दौरान बेहतरीन व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा, रमज़ान के धार्मिक और प्रशासनिक कार्यों की देखरेख के लिए 11-सदस्यीय समिति का गठन किया गया। बैठक के अंत में, शाह इस्लामिक अकैडमी की ओर से शहर के उलमा और मस्जिदों के इमामों को रमज़ान गिफ्ट भेंट किया गया। बैठक की शुरुआत कारी फरीद अहमद की तिलावत-ए-कुरआन से हुई, जबकि नात-ए-पाक मशहूर शायर अबुल कलाम कलीम चरथावली ने पेश की। इस बैठक में मौलाना फ़सीह हैदर, कारी शौकत अली, महबूब आलम एडवोकेट, मास्टर अख्तर खान, कारी मोहम्मद इकराम, कारी ज़रीफ अहमद, मोहम्मद परवेज़ कुरैशी, नवाब दिलशाद इलाही, अब्दुल्लाह कुरैशी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।