शुकतीर्थ में साधु संतो व भाजपाईयों ने किया शाही अमृत स्नान

शुकतीर्थ में साधु संतो व भाजपाईयों ने किया शाही अमृत स्नान

मोरना – प्रयागराज में महाकुम्भ त्रिवेणी संगम में शाही अमृत स्नान के अवसर पर शुकतीर्थ में शुकदेव आश्रम के अधीष्ठा स्वामी ओमानन्द महाराज के नेतृत्व में साधु संतों ने मां गंगा में अमृत स्नान किया। साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष के संग भाजपाईयों ने पवित्र स्नान में भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। वहीं ओम शान्ति सेंटर के सदस्यों सहित गुरुकुल के छात्रों द्वारा साधु संतों पर पुष्पवर्षा की गयी। साधु संतों ने अमृत स्नान के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
शुकतीर्थ गंगा घाट पर पहुंचे स्वामी ओमानन्द महाराज मंत्रोच्चारण के बीच अमृत स्नान का शुभारम्भ किया। महामंडलेश्वर स्वामी गोपालदास महाराज ने कहा कि शुकतीर्थ में स्नान का महत्व प्रयागराज से भी अधिक है। जिस अमृत की कुछ बूँद मात्र प्रयागराज मे गिरी थी। उसी अमृत का कलश शुक्रतीर्थ को प्राप्त हुआ था। तिलकधारी आश्रम के स्वामी विष्णुदत्त महाराज ने कहा की देश मे चार स्थानों पर अमृत कुम्भ को रखा गया था। प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन, नासिक तीर्थों पर कुंभ का आयोजन होता है शुकतीर्थ मे भी शाही अमृत स्नान हुआ है। कुम्भ मे संतो का समागम होता है भक्तो का मिलन होता है। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा की जो भक्त प्रयागराज नहीं जा सके वह उसी श्रद्धा के साथ शुकतीर्थ जैसे महातीर्थ मे स्नान करे इसकी व्यवस्था की गयी ओर 200 क्यूसेक अतिरिक्त गंगा जल को छुड़वाया गया है।साधु संतो के संग शाही अमृत स्नान करना गौरममय और अविस्मरणीय क्षण है। स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि सनातन ही एक मात्र धर्म है बाकी सब सम्प्रदाय हैं। सभी मत सम्प्रदाय सनातन से ही निकले हैं। सनातन रक्षा के लिए युवा पीढ़ी आगे आये। जिस प्रकार फसल मे फफूंद को दूर करने के लिए कीट नाशक का प्रयोग किया जाता है वेसे ही सनातन को मजबूत करने के लिए दृढ होना होगा। समाजसेवी मा. विजय सिंह ने कहा की उन्होंने अमृत स्नान कर देश मे बुराईयों को दूर करने का संकल्प करने का संकल्प लिया है। आचार्य प्रेम शंकर मिश्रा ने कहा की देवता अमृत कलश लेकर शुकतीर्थ मे शुकदेव मुनि के पास आये थे। और श्रीमदभागवत कथा के बदले अमृत कलश देने को कहा किन्तु शुकदेव मुनि ने यह सौदा न किया तब देवताओं ने वह अमृत शुकतीर्थ मे ही रख दिया। शुकतीर्थ मे एक सप्ताह के लिए कुंभ का आयोजन किया जाना चाहिए। शाही अमृत स्नान के उपरांत साधु संतो पर पुष्प वर्षा की गयी व स्वामी ओमानन्द महाराज दिव्य प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर स्वामी भक्ति भूषण महाराज, चंद्रमा बृहमचारी महाराज, मंडल अध्यक्ष अरुणपाल, संजय कोरी,राम कुमार शर्मा, प्रदीप निर्वाल, बृजवीर सिंह, विनोद शर्मा, डॉ. संजू शर्मा, रविन्द्र वाल्मीकि, डॉ. महकार सिंह, योगेश गुर्जर,सतनाम नायक, वीरपाल सहरावत, देवेन्द्र आर्य,बी के परी दीदी, आरती, बी के श्रवण कुमार, कंवरपाल सिंह, नीरज रॉयल,विपुल सहरावत,संदीप भगत,आचार्य इन्द्रपाल,महिपाल राठी, रविन्द्र सिंह,क्षेत्राधिकारी देववृत वाजपेयी, प्रभारी निरीक्षक अपराध हरेन्द्र सिंह, चौकी प्रभारी रणवीर सिंह आदि उपस्थित रहे।

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