आठ करोड़ घरों को बिजली बचत करके दी है, अतिरिक्त विद्युत होने के बावजूद उत्पादन में वृद्धि जरूरी है : मनोहर लाल
आठ करोड़ घरों को बिजली बचत करके दी है, अतिरिक्त विद्युत होने के बावजूद उत्पादन में वृद्धि जरूरी है : मनोहर लाल

आठ करोड़ घरों को बिजली बचत करके दी है, अतिरिक्त विद्युत होने के बावजूद उत्पादन में वृद्धि जरूरी है : मनोहर लाल
भारत विकास और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रगति कर सकता है
✍🏾रिपोर्ट- सुरेंद्र सिंघल, वरिष्ठ पत्रकार,नई दिल्ली .
नई दिल्ली। केंद्रीय ऊर्जा और आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने आज कहा कि हम विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में ना केवल आत्मनिर्भर हैं बल्कि हमारे पास अतिरिक्त बिजली है। लेकिन भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए हमारा जोर विद्युत उत्पादन में बढ़ोतरी का रहेगा। उन्होंने साथ ही उपभोक्ताओं को विद्युत बचत का महत्व समझाते हुए उसकी बचत किए जाने की अपील भी की।केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल रविवार दोपहर नई दिल्ली के इंडिया हैबीटेट सेंटर के कांफ्रेंस हाल में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के 25वें स्थापना दिवस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अपना संबोधन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि हमने हजारों करोड़ यूनिट बिजली की बचत करके आठ करोड़ घरों को विद्युत आपूर्ति करने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि हम सभी संभव साधनों के जरिए विद्युत उत्पादन बढ़ाने में लगे हैं। 1947 में भारत के स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि भारत तब तक विकसित राष्ट्र बन जाए। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व में आर्थिक नजरिए से चौथे पायदान पर है और बहुत जल्द हम जर्मनी से आगे निकलकर तीसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत विकास और पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ प्रगति कर सकता है।
जलवायु महत्वकांक्षा के अनुसार भारत 2030 तक ऊर्जा दक्षता में सुधार की दर को दोगुना करने को दृढ़संकल्प है। उन्होंने कहा कि 4 प्रतिशत पर भारत की ऊर्जा तीव्रता सुधारकर दुनिया में सबसे अधिक है और 2025 में 1.8 प्रतिशत की वैश्विक ऊर्जा तीव्रता सुधार की दर से दोगुने से भी अधिक है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि देश की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 500 मेगावाट को पार कर गई है और जनवरी 2026 तक 520 मेगावाट तक पहुंच गई है। इसमें गैर जीवाश्म हिस्सेदारी 52 प्रतिशत है। यह उपलब्धि ऊर्जा क्षेत्र की वर्षों की मजबूत नीतियों, निवेशों और सामूहिक प्रयासों का नतीजा है।
वर्तमान में दुनियाभर में 38 उत्सर्जन ट्रेडिंग सिस्टम में है, जिनमें से 20 विकास या विचार के अधीन है। ये प्रणालियां कार्बन करों के साथ अब वैश्विक ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन के लगभग 23 प्रतिशत से 28 फीसद को कवर करती है।कार्यक्रम में ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल, ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के महानिदेशक कृष्णचंद्र पाणिग्रही, इंडिया हैबीटेट सेंटर के प्रशासनिक प्रबंधक अमरनाथ, वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र सिंघल समेत ऊर्जा विभाग और ऊर्जा दक्षता ब्यूरो समेत बड़े अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित थे।

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