फर्जी ट्रेडिंग एप और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए 1.02 करोड़ रुपये की हुई साइबर ठगी
फर्जी ट्रेडिंग एप और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए 1.02 करोड़ रुपये की हुई साइबर ठगी

फर्जी ट्रेडिंग एप और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए 1.02 करोड़ रुपये की हुई साइबर ठगी
(गौरव सिंघल)
सहारनपुर। सहारनपुर जनपद के शहर कोतवाली क्षेत्र में माधव नगर निवासी व्यक्ति से फर्जी ट्रेडिंग एप और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए 1.02 करोड़ रुपये की साइबर हुई है। ठगों ने विश्वास में लेने के लिए पीड़ित के खाते में अलग-अलग 24,100 रुपये की ट्रांजेक्शन की। इसके बाद 21 जनवरी से पांच मार्च 2026 तक पीड़ित ने आरोपियों के अलग-अलग खातों में धनराशि भेजी। साइबर क्राइम पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। माधव नगर निवासी अमित कुमार ने तहरीर देकर बताया कि दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में मोबाइल नंबर पर एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने उन्हें ऑनलाइन स्टॉक ट्रेडिंग की क्लासेज और रोजाना शेयर खरीदने का सुझाव दिया। इसके बाद एक जनवरी 2026 को मोबाइल नंबर फिसडम संस्थागत स्टॉक ट्रेडिंग नाम के व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ दिया गया। इस ग्रुप में शेयर बाजार से संबंधित जानकारी दी जाती थी। इसी दिन उनका नंबर एक अन्य व्हाट्सएप ग्रुप अमित वीआईपी एक्सक्लूसिव सर्विस टीम अंक-15 में भी जोड़ दिया गया। इस ग्रुप में उन्हें शेयर खरीदने और बेचने के लिए व्यक्तिगत नोटिफिकेशन भेजे जाते थे। 12 जनवरी 2026 को ग्रुप एडमिन रक्षिता वेद ने उनसे निजी चैट में संपर्क कर एक नए ट्रेडिंग एप के जरिए निवेश कर अधिक लाभ का झांसा दिया। 21 जनवरी को एक लिंक भेजा गया, जिसके माध्यम से उन्होंने फिस्डपरो नाम का एप डाउनलोड किया और उसमें पंजीकरण कर ट्रेडिंग शुरू कर दी। शुरुआत में उन्होंने 24,100 रुपये की राशि एप से निकाली, जो उनके बैंक खाते में आ गई। इसके बाद पीड़ित ने अधिक धनराशि निवेश करनी शुरू कर दी।
ठगों ने पीड़ित को आईपीओ में निवेश करने का लालच दिया। सबसे पहले इसके बाद आरोपियों ने उन्हें आईपीओ में निवेश करने के लिए कहा। मारुशिका टेक्नोलॉजी लिमिटेड नामक आईपीओ में उनके एप में दिख रही राशि से लगभग 35 लाख रुपये अधिक शेयर अलॉट कर दिए गए, जिसके चलते उन्हें 35 लाख रुपये अतिरिक्त जमा करने पड़े।
ठगों ने उनसे कहा कि रुपये निकालने के लिए पहले 3,12,05,366 रुपये शॉर्ट टर्म टैक्स जमा करने होंगे। बाद में ठगों ने कहा कि यदि वह 50 लाख रुपये और जमा कर दें तो वह 2.5 करोड़ रुपये तक की राशि निकाल सकते हैं, अन्यथा उनकी पूरी रकम आयकर विभाग मुंबई को भेज दी जाएगी। पीड़ित जब भी एप से रकम निकालने का प्रयास करते हैं तो कोई राशि नहीं निकल रही। जांच करने पर उन्हें पता चला कि ठगों ने फिसडम कंपनी के नाम और लोगो का फर्जी इस्तेमाल कर नकली एप बनाया था और उसी के जरिए ठगी को अंजाम दिया। पीड़ित ने 1.02 करोड़ रुपये खुद और माता-पिता के बैंक खातों से ट्रांजेक्शन की।

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