देवबंद के कुटी रोड स्थित शीतला माता मंदिर सडक मार्ग की हालत बेहद खस्ता, सडक मार्ग से कार

देवबंद के कुटी रोड स्थित शीतला माता मंदिर सडक मार्ग की हालत बेहद खस्ता, सडक मार्ग से कार

देवबंद के कुटी रोड स्थित शीतला माता मंदिर सडक मार्ग की हालत बेहद खस्ता, सडक मार्ग से कार, बाइक, स्कूटर, रिक्शा व पैदल आने-जाने वाले लोगों और श्रद्धालुओं को बडी परेशानियों का करना पड रहा है सामना

मंदिर प्रांगण में बिजली की व्यवस्था न होने से माता के स्पष्ट दर्शन भी नहीं कर पाते है श्रद्धालु

मार्ग की दुर्दशा को लेकर जनप्रतिनिधियों के प्रति श्रद्धालुओं में है भारी रोष

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(गौरव सिंघल)
देवबंद (सहारनपुर)।
देवबंद में कुटी रोड स्थित बडे प्राचीन शीतला माता के मन्दिर को जाने वाले सडक मार्ग की हालत बडी ही खस्ताहाल है। इस सडक मार्ग से कार, स्कूटर, बाइक व रिक्शा ही नहीं बल्कि पैदल आने-जाने वाले लोगों और श्रद्धालुओं को बडी ही परेशानियों का सामना करना पडता है। हर वर्ष ही भांति इन दिनों माता शीतला की विशेष पूजा चल रही है। बीते दो-तीन दिन से लगातार बडी संख्या में श्रद्धालु इस मार्ग से किसी तरह गुजरकर माता के दर्शनों को पहुंच तो रहे है लेकिन हर किसी के मन में खस्ताहाल सडक मार्ग को लेकर भारी गुस्सा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि देवबंद के जनप्रतिनिधि उक्त सडक मार्ग को बनवाने और मंदिर सौन्दर्यीकरण की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे है। मंदिर प्रांगण में बिजली की व्यवस्था भी न होना बडा ही दुखदाई है। माता शीतला मन्दिर के पुजारी निरंजन अग्रवाल भगत जी मंदिर की ओर जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई ध्यान न दिए जाने से बडे परेशान और गुस्से में है। पुजारी निरंजन अग्रवाल भगत जी ने आज वरिष्ठ पत्रकार गौरव सिंघल से बातचीत में कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा मंदिर के सौंदर्यीकरण की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सडक मार्ग खस्ताहाल है, मंदिर प्रांगण में बिजली और पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। मंदिर प्रांगण में बिजली की व्यवस्था न होने से माता के स्पष्ट दर्शन भी
श्रद्धालुओं को नहीं हो पाते है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि कई बार मंदिर में आए और उन्हें आश्वासन भी दिया कि मंदिर का सौंदर्यीकरण होगा और सडक मार्ग का निर्माण कराया जाएगा, लेकिन आज तक यहां कोई कार्य नहीं हुआ है। माता शीतला मन्दिर के पुजारी निरंजन अग्रवाल भगत ने बताया कि चैत्र मास के बाद गर्मी का प्रभाव बढने से अनेक प्रकार की बीमारियां फैलती है। इन बीमारियों में चेचक जैसी खतरनाक बीमारी भी है। पूर्व से ही बुजुर्ग लोग चेचक, खसरा के प्रकोप से अपने बच्चों को बचाने के लिए माता शीतला की पूजा करने के लिए आते है। उन्होंने बताया कि दो-तीन दिन से लगातार काफी संख्या में श्रद्धालु मन्दिर प्रांगण में मत्था टेककर माता से अपने बच्चों सुख-समृद्धि की कामना कर रहे है। पुजारी निरंजन अग्रवाल भगत जी और श्रद्धालुओं ने शीतला माता को जाने वाले सडक मार्ग को अति शीघ्र बनवाए जाने और माता के मंदिर के सौंदर्यीकरण की मांग देवबंद क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों से की है।