योग में पहला पद्म सम्मान : पैंतीस साल पहले आज के दिन पहली बार सहारनपुर के योगगुरु स्वामी भारत भूषण को भारत सरकार की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति आर वेंकटरमण ने पद्मश्री सम्मान प्रदान किया था
योग में पहला पद्म सम्मान : पैंतीस साल पहले आज के दिन पहली बार सहारनपुर के योगगुरु स्वामी भारत भूषण को भारत सरकार की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति आर वेंकटरमण ने पद्मश्री सम्मान प्रदान किया था

सहारनपुर : योग में पहला पद्म सम्मान : पैंतीस साल पहले आज के दिन पहली बार सहारनपुर के योगगुरु स्वामी भारत भूषण को भारत सरकार की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति आर वेंकटरमण ने पद्मश्री सम्मान प्रदान किया था
(गौरव सिंघल)
सहारनपुर। योगियों के लिए आज का दिन खास है क्योंकि पैंतीस साल पहले आज के दिन पहली बार किसी योगी को राष्ट्रपति ने पद्मश्री सम्मान से नवाजा था। यह सम्मान सहारनपुर का गौरव माने जाने वाले योगगुरु, दार्शनिक, नामचीन बॉडी बिल्डर, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और शिक्षक स्वामी भारत भूषण को भारत सरकार की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति आर वेंकटरमण ने प्रदान किया था, इससे पूर्व योग में पद्म सम्मान नहीं दिए जाते थे।
योग गुरु स्वामी भारत भूषण द्वारा अर्धशती पूर्व स्थापित मोक्षायतन योग संस्थान में आयोजित उत्सव में संस्थान के वरिष्ठ साधक स. जरनैल सिंह, नंदकिशोर शर्मा, गुलशन निझारा ने गुरुदेव की योग यात्रा के अनेक संस्मरण साझा किए और बताया कि स्वामी भारत भूषण को योग जगत को १९९० से पहला अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव, भारतयोग पद्धति, अश्वारोही योग, विश्वविद्यालयों में योग डिग्री पाठ्यक्रम, विज्ञान आधारित योग गतियों के अन्वेषक, प्रशासनिक अकादमियों सैन्य व अर्धसैनिक बलों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों, खिलाड़ियों में योग को स्थापित करने, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए योग गीत रचने, कोरोना त्रासदी से मानवता की रक्षा के लिए कोरोना रोधी योग प्रोटोकॉल देने के साथ विश्व इतिहास में पहली बार दो देशों के राष्ट्रपतियों को एक साथ योगाभ्यास कराने का श्रेय भी जाता है। दक्षिण अमेरिकी देश सूरीनाम में २०१८ में हुए इस योग समागम में मौजूद हजारों योग प्रेमियों को उनकी अंगुलियों पर अपने दिल की धड़कने सुनने का अनुभव देकर उन्होंने सभी को हतप्रभ कर दिया था। दुनिया के अनेक देशों मे मोक्षायतन योग संस्थान की भारतयोग ब्रांच बनाने और वैश्विक पहचान पा लेने पर सहारनपुर छोड़ कहीं बाहर जा बसने के बजाय उन्होंने अपने शहर को पहला जिम, योग आधारित स्कूल नेशन बिल्डर्स एकेडमी दिया और युवाओं की ऊर्जा को स्वास्थ्य और अध्यात्म के साथ संस्थान के विविध प्रकल्पों के माध्यम से रचनात्मक कार्यों में लगाया। इस आयोजन में आज के दिन ही शहीद हुए स. भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को भी महान योगियों के रूप में याद किया गया। आयोजन में मौजूद योग गुरु भारत भूषण ने लाहौर असेंबली बम कांड के तीनों शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि योग मात्र व्यायाम नहीं आत्मसाधना है और इस अध्यात्मिक शक्ति ने ही इन अमर बलिदानियों को कर्मधर्म के लिए मरण से भी पूर्ण निर्भयता की राह चुनने का साहस दिया।

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