राष्ट्रों के बीच हो रहे युद्धों व विभागीय नीतियों से वर्ष भर जूझता रहा व्यापारी वर्ग

राष्ट्रों के बीच हो रहे युद्धों व विभागीय नीतियों से वर्ष भर जूझता रहा व्यापारी वर्ग

सहारनपुर : राष्ट्रों के बीच हो रहे युद्धों व विभागीय नीतियों से वर्ष भर जूझता रहा व्यापारी वर्ग : शीतल टण्डन

जिला व्यापार मण्डल द्वारा व्यापारिक वर्ष 2025-26 की समीक्षा बैठक का आयोजन

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(गौरव सिंघल)
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल की जिला इकाई द्वारा व्यापारिक वर्ष 2025-26 के अंतिम चरण में वार्षिक समीक्षा बैठक का आयोजन स्थानीय रेलवे रोड स्थित जिला मुख्यालय कार्यालय में किया गया। बैठक में ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्धों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की गयी तथा युद्ध विराम के लिए प्रार्थना की गयी।
बैठक को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन ने कहा कि राष्ट्रों के बीच हो रहे युद्धों व विभागीय नीतियों के कारण व्यापारिक वर्ष 2025-26 कारोबार की दृष्टि से मंदी का अथवा मिला-जुला असर रहा। इस व्यापारिक वर्ष में जहां कानून व्यवस्था व बिजली आपूर्ति में सुधार लगातार होता रहा वहीं इसके विपरीत स्मार्ट सिटी योजना में विकास का एजेन्डा होने के बावजूद आम आदमी व व्यापारी वर्ग धीमी गति के कार्यों के कारण प्रभावित रहा। इसके अलावा पाक द्वारा पहलगाम में निहत्थे पर्यटकों पर गोलियां बरसायी गयी उसका जवाब में भारत की तीनों सेनाओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आपरेशन सिंदूर के माध्यम से केवल सात दिन में पाक को करारा जवाब देते हुए धूल चटाई सराहनीय कार्य किया। शहर में विकसित बस अड्डे व शहर के सौन्दर्यकरण की अभी भी आम जनता को इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि बस अड्डे के लिए भूमि का चयन हो गया है। इसका निर्माण कार्य युद्धस्तर पर करना होगा। क्योंकि रेलवे रोड पर बसों के संचालन से व्यापारी व आम जनता को कठिनाईयों के साथ कारोबारियों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। सरसावा में हवाई पट्टी के उद्घाटन के बावजूद भी पहली उड़ान का भी इंतजार है। वहीं सिटी बस सेवाओं का भी इंतजार है। श्री टण्डन ने कहा कि इस व्यापारिक वर्ष में व्यापारियों के समक्ष तीन ऐसे मुद्दे आ गये हैं, और इस सम्बन्ध में केन्द्र व राज्य सरकार की अनदेखी के चलते आने वाले समय में व्यापारी आंदोलन को मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा आयकर अधिनियम 1961 की धारा-43-बी(एच) के संशोधन के चलते क्रेता को 15 दिन एवं अनुबन्ध होने की स्थिति में 45 दिनों में भुगतान पूरा करना होगा। इस संशोधन को लेकर देश भर के व्यापारी आंदोलित हैं। उन्होंने कहा कि क्रेता व विक्रेता के बीच में लेन-देन के भुगतान की अवधि निश्चित करना सरकार का अधिकार नहीं है। श्री टण्डन ने प्रश्न किया कि क्या सभी सरकारी विभाग माल खरीदने व ठेकेदारों से कार्य कराने के बाद 45 दिन में भुगतान करते हैं, सरकार व्यापारियों पर यह नियम थोपकर छोटे व्यापारियों के कारोबार में रोडा बन रही है। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पिछले वर्ष नुजूल सम्पत्तियों के सम्बन्ध में जो नीति घोषित की गयी थी उसको लेकर व्यापारियों तथा नुजूल की सम्पत्ति में रह रहे या कारोबार करने वाले लोग अभी भी असमंजस की स्थिति में है, हालांकि उ.प्र. सरकार द्वारा इसके सम्बन्ध में पुर्न विचार हेतु कमेटी का गठन किया गया है लेकिन इस समस्या का हल केवल प्रदेश सरकार द्वारा नुजूल सम्पत्तियों को पहले की तरह फ्रीहोल्ड करने की घोषणा जनहित में करनी चाहिए इससे सरकार को अरबों रूपये राजस्व के भी प्राप्त होेगें और नुजूल सम्पत्ति का प्रयोग करने वाले लोगों को भी राहत मिलेगी। श्री टण्डन ने कहा कि इस वर्ष जीएसटी की दरों में कटौती की गयी जिसका व्यापार मण्डल स्वागत करता है, लेकिन इसके सरलीकरण की अभी भी इंतजार है। जीएसटी काउन्सिल और केन्द्रीय वित्त मंत्री के आश्वासन देने के बावजूद भी इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। पूरे वित्तीय वर्ष में इस सम्बन्ध में अनेकों बार मांग की गयी। यही स्थिति ऑन लाईन ट्रेडिंग की भी है। इसको लेकर देश के छोटे व्यापारियों का कारोबार भी चौपट हो रहा है। आयकर, जीएसटी, ऑन लाईन टेªडिंग, मण्डी समिति, विकास प्राधिकरण, बिजली विभाग, स्मार्ट सिटी आदि अनेक विभागों से सम्बन्धित प्रदेश व्यापार मण्डल के अध्यक्ष मुकुन्द मिश्रा के निर्देश पर धरने-प्रदर्शन व ज्ञापन आयोजित किये गये लेकिन सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक रूख नहीं नजर आया। श्री टण्डन ने कहा कि इन दिनों नगर निगम सहारनपुर द्वारा आवासीय व वाणिज्यिक सम्पत्तियो पर हाउस टैक्स व वाटर टैक्स की दरों में बेतहाशा वृद्धि की गयी है। यह भी अव्यवहारिक है और समय रहते नगर निगम के अधिकारियों को इसकी समीक्षा करनी होगी। प्रदेश सरकार की समाज के सभी वर्गों के प्रति व अनेक क्षेत्रों में कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गयी हैं। सड़कों का निर्माण व कनेक्टिविटी बढ़ रही है, कानून व्यवस्था में सुधार है, लेकिन व्यापारियों की मांगों के प्रति सरकार का रूख अपेक्षा अनुसार सकारात्मक नहीं है। व्यापारी एकता और व्यापारी सुरक्षा के हितों के लिए आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा नये वित्तीय वर्ष में बनायी जाएगी। उन्होंने सभी व्यापारियों से अपील की कि व्यापार मण्डल की आचार संहिता का पालन करें तथा इसके कार्यक्रमों को सफल बनाने हेतु तन-मन-धन से आगे आकर सभी सरकारी देयों का समय पर भुगतान करें तथा कर अपवंचना व अतिक्रमण से दूर रहते हुए यातायात के नियमों का भी पालन करें। उन्होंने कहा कि नया आयकर अधिनियम लागू हो चुका है जिसका व्यापार मण्डल स्वागत करता है। साथ ही व्यापार मण्डल की मांग पर खाद्य विभाग द्वारा आजीवन कार्ड जारी किया गया है, जो कि प्रशंसनीय है। श्री टण्डन ने ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युद्ध किसी समस्या का हल नहीं होता है। युद्ध केवल विनाश ही लाता है। ऐसे में जो विकासशील देश होते हैं, वे युद्ध की भेंट चढ़ जाते है और महंगाई और बेरोजगारी भी बढ़ जाती है। युद्ध के कारण पूरे विश्व की अर्थ व्यवस्था पर गहरा असर पड़ता है। ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के कारण पेट्रोलियम पदार्थों पर गहरा असर पड़ा है। गैस सिलेण्डरों की किल्लत प्रत्येक व्यक्ति को झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि युद्धो को शीघ्र विराम देना चाहिए ताकि पूरे विश्व में अमन शांति बनी रहे क्योंकि भारत जैसे विकासशील देशों पर युद्धों का असर पड़ रहा है। श्री टण्डन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान सहयोग के लिए सभी व्यापारियों व विभागीय अधिकारियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए आने वाले वित्तीय वर्ष 2026-27 में और बेहतर कारोबार व व्यापारी समस्याओं का निदान हो जाने की भी आशा प्रकट की। अंत में उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वर्ष के अंत में हम अपने खातों का मिलान करते हैं, उसी प्रकार हमें कर्मों का भी मिलान करना चाहिए क्योंकि इसका मार्च तो आयेगा लेकिन फिर अप्रैल नहीं आयेगा।
बैठक में प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन, जिला महामंत्री रमेश अरोडा, जिला कोषाध्यक्ष कर्नल संजय मिड्ढा, मेजर एस.के.सूरी, पवन कुमार गोयल, रमेश डावर, संजय महेश्वरी, राजीव अग्रवाल, संदीप सिंघल,बलदेव राज खुंगर, अशोक मलिक, सतीश ठकराल, मुरली खन्ना, अभिषेक भाटिया, संजीव सचदेवा, आदि व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।