अम्बेडकर जयंती पर पीएम मोदी एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण पर यूपी-उत्तराखंड दोनों को साधेंगे
अम्बेडकर जयंती पर पीएम मोदी एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण पर यूपी-उत्तराखंड दोनों को साधेंगे

सहारनपुर : अम्बेडकर जयंती पर पीएम मोदी एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण पर यूपी-उत्तराखंड दोनों को साधेंगे
14 अप्रैल को संभावित है पीएम मोदी का कार्यक्रम, आंबेडकर जयंती पर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण में राजनीतिक समीकरण साधे जाएंगे
प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को लेकर पूरे मार्ग पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किये जायेंगे,कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोरो पर
✍🏾सुरेंद्र सिंघल/गौरव सिंघल,वरिष्ठ पत्रकार.
सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डा.अंबेडकर जयंती 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करने के दौरान उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों को साधने का काम करेंगे। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति भी रहेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्रीय सडक परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी उपस्थित रहते हैं या नहीं। ध्यान रहे दोनों राज्यों में कुछ माह बाद विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। फरवरी माह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिमी उत्तर प्रदेश खासकर सहारनपुर, मेरठ मंडल पर खास फोकस किए हुए हैं। जिस एक्सप्रेस-वे का प्रधानमंत्री लोकार्पण करेंगे उसका शिलान्यास उन्हीं
के द्वारा 4 दिसम्बर 2021 को किया गया था। 6 लेन का यह एक्सप्रेस-वे करीब
210 किमी. लंबा है। इससे दिल्ली-देहरादून की यात्रा ढाई-पौने तीन घंटे
में पूरी हो जाएगी। जबकि इससे पूर्व दो गुना समय लगता था। प्रशासन ने इस
लोकार्पण समारोह को शानदान और सुरक्षित तरीके से संपंन कराने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। आधा कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के गणेशपुर में और आधा
देहरादून में संपंन होना है। एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने गणेशपुर
पहुंचकर वहां बनाये जा रहे हैलीपैड और मां डाट काली मंदिर तक व्यवस्थाओं
का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। ब्रिटिश टाइम में
जून 1884 में जब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा था उस दौरान
वहां सुरंग निर्माण के दौरान आ रही बांधाओं को दूर करने के लिए सुरंग के
बाहर मां डाट काली का मंदिर बनाया गया था। माना जाता है कि मां काली की
कृपा से वहां से गुजरने वाले यात्रियों की यात्रा सुरक्षित रहती है तभी से मंदिर पर देवी की भारी मान्यता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उस दिन इस मंदिर में मां काली देवी की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लेंगे। गणेशपुर में मोदी योगी के हैलीकाप्टर उतरेंगे
जहां योगी प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगे। मुख्यमंत्री योगी पास में ही
बनाए गए सभा स्थल पर जनता को संबोधित करेंगे जबकि प्रधानमंत्री का भाषण देहरादून में होगा।
कमिश्नर डा. रूपेश कुमार, डीआईजी अभिषेक सिंह, जिलाधिकारी मनीष बंसल,
एसएसपी अभिनन्दन सिंह, नगरायुक्त शीपू गिरि और एनएचएआई के क्षेत्रीय
अधिकारी पूरे लोकार्पण क्षेत्र का गहराई से निरीक्षण कर कमियों को दूर
करने में लगे हैं। प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को लेकर पूरे मार्ग पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किये जायेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कितना सियासी महत्व है, इसका अनुमान इन दोनों की सहारनपुर, मेरठ मंडल में लगातार सक्रियता से लग जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 फरवरी को ग्रेटर नोएडा यमुना एक्सप्रेस-वे -सैक्टर-26 के पास उत्तर भारत की पहली सेमीकंडटर (चीप) यूनिट का वर्चुअल शिलान्यास किया था, जबकि
केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ मौजूद रहे। यह परियोजना 12930 करोड रूपये की परियोजना का हिस्सा है। इसके अगले ही दिन यानि 22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में नमो भारत ट्रेन और मेरठ मैट्रो का उद्घाटन किया और वहीं शताब्दी नगर में जनसभा को संबोधित किया। उस दौरान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। उसके बाद उत्तर प्रदेश के
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 14 मार्च को सहारनपुर में मां शांकुभरी देवी मेले में पूजा-अर्चना के लिए आए थे। जहां उन्होंने जनसभा को संबोधित किया था। इसके बाद 28 मार्च को एक बार फिर मोदी और योगी ने नोएडा में
इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लोकार्पण किया। 11 हजार 200 करोड़ की लागत से बने पहले चरण के बने एयरपोर्ट के इस महत्वपूर्ण लोकार्पण के मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के.राममोहन रेड्डी भी उपस्थित रहे। इस सभा में
युवाओं की खास भागेदारी के साथ 75000 के करीब भीड़ जनसभा में उमड़ी थी। अब 14 अप्रैल को एक बार फिर से मोदी योगी सहारनपुर और देहरादून का रूख कर रहे हैं। जाहिर है पिछले तीन माह के दौरान दोनों बड़े नेताओं की पश्चिमी उत्तर प्रदेश की इस महत्वपूर्ण राजनीति पट्टी में जबरदस्त उपस्थिति महसूस
की जा रही है। इसके सियासी मायने हैं। उनके इस क्षेत्र को खास महत्व देने का असर भाजपा की चुनावी सफलता पर अवश्य पड़ेगा।

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