मोबाइल बेचनें वाले 9 गिरफ्तार
मोबाइल बेचनें वाले 9 गिरफ्तार फोटो-4 बांदा-चोरी,खोए हुए,खराब एवं साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त कर उन्हें तकनीकी रूप से पुनः सक्रिय कर साइबर अपराधियों को सप्लाई करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।बीती शाम पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि बुन्देलखंड एक्सप्रेस वे ग्राम चहितारा के पास कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के भारी मात्रा में मोबाइल के साथ होने की सूचना प्राप्त हुई।सूचना पर तत्काल साइबर क्राइम पुलिस थाना व विश्वविद्यालय चौकी की पुलिस टीम द्वारा मौके पर जाकर घेराबन्दी करते हुए 9 व्यक्तियों मुस्तकीम पुत्र मुस्ताक रजा निवासी नवावगंज फतेहगढ़,अरमान पुत्र मुस्ताक रजा निवासी नवावगंज फतेहगढ़,अनमोल पुत्र मुस्ताक निवासी नवावगंज फतेहगढ़,असलम पुत्र भूरे निवासी नवावगंज फतेहगढ़,साहिल अली पुत्र शौकत अली निवासी नवावगंज फतेहगढ़,समीम पुत्र नवाव निवासी नवावगंज फतेहगढ़,रेहान पुत्र नवाव निवासी नवावगंज फतेहगढ़,अमिर पुत्र शौकत अली निवासी नवावगंज फतेहगढ़,मुस्ताक रजा पुत्र भूरे खां निवासी नवावगंज फतेहगढ़ को हिरासत में लिया गया तथा उनके पास से भारी मात्रा में पुराने मोबाइल फोन, मोबाइल फोन के मदरबोर्ड,मोबाइल की बैटरी, मोबाइल के फर्जी क्रय बिल आदि बरामद हुए। जिनमें 41 एंड्रायड मोबाइल फोन,38 की-पैड फोन, 92 मोबाइल के मदरबोर्ड,66 मोबाइल की बैटरी,20 फर्जी,कूटरचित मोबाइल क्रय बिल,11 हजार रुपए नकद, 7 दोपहिया वाहन, 9 मोबाइल फोन जामा तलाशी से बरामद हुए।पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा गांव-गांव में घूम-घूमकर पुराने,चोरी किए हुए,खराब एवं साइबर ठगी,फ्रॉड आदि में प्रयुक्त किए हुए मोबाइल फोन को सस्ते दामों में खरीदते थे और डीसी मशीन का प्रयोग कर मदरबोर्ड आदि की जांच करते थे।जिन मोबाइल फोन का मदरबोर्ड सही पाया जाता था उन्हे विभिन्न साइबर ठगी के गिरोह को अच्छे दामों में बेच देते थे।साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त जिन मोबाइल फोन का नंबर ब्लॉक कर दिया जाता था या रहता था।उन मोबाइल फोन के मदरबोर्ड व अन्य महत्वपूर्ण पार्ट्स को निकालकर उन्हे अन्य मोबाइल फोन में लगा देते थे या अलग-अलग पार्ट्स को संयोजित कर एक नया मोबाइल फोन तैयार कर साइबर ठगी में उसका प्रयोग करते थे।इनके द्वारा राजस्थान और हरियाणा राज्य में विभिन्न साइबर ठगी के गिरोह को इस तरह के मोबाइल फोन बेचना,सप्लाई करना स्वीकार किया गया।पुलिस द्वारा इस संबन्ध में गहनता से जांच की जा रही है कि इनके गिरोह में और कितने लोग शामिल है।कहां-कहां इनके द्वारा पुराने मोबाइल फोन को सप्लाई की जाती है या की गई है।पुलिस द्वारा आम जनमानस से कहा गया है कि सस्ते व लालच के चक्कर में चोरी अथवा संदिग्ध स्रोत से मोबाइल फोन खरीदने से बचें तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। -----------------------

मोबाइल बेचनें वाले 9 गिरफ्तार
बांदा-चोरी,खोए हुए,खराब एवं साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त कर उन्हें तकनीकी रूप से पुनः सक्रिय कर साइबर अपराधियों को सप्लाई करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।बीती शाम पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि बुन्देलखंड एक्सप्रेस वे ग्राम चहितारा के पास कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के भारी मात्रा में मोबाइल के साथ होने की सूचना प्राप्त हुई।सूचना पर तत्काल साइबर क्राइम पुलिस थाना व विश्वविद्यालय चौकी की पुलिस टीम द्वारा मौके पर जाकर घेराबन्दी करते हुए 9 व्यक्तियों मुस्तकीम पुत्र मुस्ताक रजा निवासी नवावगंज फतेहगढ़,अरमान पुत्र मुस्ताक रजा निवासी नवावगंज फतेहगढ़,अनमोल पुत्र मुस्ताक निवासी नवावगंज फतेहगढ़,असलम पुत्र भूरे निवासी नवावगंज फतेहगढ़,साहिल अली पुत्र शौकत अली निवासी नवावगंज फतेहगढ़,समीम पुत्र नवाव निवासी नवावगंज फतेहगढ़,रेहान पुत्र नवाव निवासी नवावगंज फतेहगढ़,अमिर पुत्र शौकत अली निवासी नवावगंज फतेहगढ़,मुस्ताक रजा पुत्र भूरे खां निवासी नवावगंज फतेहगढ़ को हिरासत में लिया गया तथा उनके पास से भारी मात्रा में पुराने मोबाइल फोन, मोबाइल फोन के मदरबोर्ड,मोबाइल की बैटरी, मोबाइल के फर्जी क्रय बिल आदि बरामद हुए। जिनमें 41 एंड्रायड मोबाइल फोन,38 की-पैड फोन, 92 मोबाइल के मदरबोर्ड,66 मोबाइल की बैटरी,20 फर्जी,कूटरचित मोबाइल क्रय बिल,11 हजार रुपए नकद, 7 दोपहिया वाहन, 9 मोबाइल फोन जामा तलाशी से बरामद हुए।पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा गांव-गांव में घूम-घूमकर पुराने,चोरी किए हुए,खराब एवं साइबर ठगी,फ्रॉड आदि में प्रयुक्त किए हुए मोबाइल फोन को सस्ते दामों में खरीदते थे और डीसी मशीन का प्रयोग कर मदरबोर्ड आदि की जांच करते थे।जिन मोबाइल फोन का मदरबोर्ड सही पाया जाता था उन्हे विभिन्न साइबर ठगी के गिरोह को अच्छे दामों में बेच देते थे।साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त जिन मोबाइल फोन का नंबर ब्लॉक कर दिया जाता था या रहता था।उन मोबाइल फोन के मदरबोर्ड व अन्य महत्वपूर्ण पार्ट्स को निकालकर उन्हे अन्य मोबाइल फोन में लगा देते थे या अलग-अलग पार्ट्स को संयोजित कर एक नया मोबाइल फोन तैयार कर साइबर ठगी में उसका प्रयोग करते थे।इनके द्वारा राजस्थान और हरियाणा राज्य में विभिन्न साइबर ठगी के गिरोह को इस तरह के मोबाइल फोन बेचना,सप्लाई करना स्वीकार किया गया।पुलिस द्वारा इस संबन्ध में गहनता से जांच की जा रही है कि इनके गिरोह में और कितने लोग शामिल है।कहां-कहां इनके द्वारा पुराने मोबाइल फोन को सप्लाई की जाती है या की गई है।पुलिस द्वारा आम जनमानस से कहा गया है कि सस्ते व लालच के चक्कर में चोरी अथवा संदिग्ध स्रोत से मोबाइल फोन खरीदने से बचें तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। ———————–

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