जनसंवाद में जमकर हुआ भेदभाव, जनता की समस्याओं को ही नहीं रखने दिया : चिरंजीव राव

जनसंवाद में जमकर हुआ भेदभाव, जनता की समस्याओं को ही नहीं रखने दिया : चिरंजीव राव

– मुख्यमंत्री का रेवाड़ी में जनसंवाद कार्यक्रम रहा फ्लॉप शो : विधायक चिरंजीव राव

– भाजपा की फूट हुई उजागर, जनसंवाद में नदारद रहे केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह

– धारूहेड़ा के दूषित पानी में पहुंचकर सुनते लोगों की पीड़ा

– मुख्यमंत्री से मिलकर सभी समस्याओं को लिखित में देंगे विधायक चिरंजीव राव

रेवाड़ी। 31जुलाई आदर्श शर्मा रेवाड़ी विधायक चिरंजीव राव ने अपने निवास स्थान मॉडल टाउन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का रेवाड़ी में जनसंवाद कार्यक्रम एकदम फ्लॉप रहा, जिसमें जमकर भेदभाव हुआ। जनसंवाद कार्यक्रम का मतलब होता है कि जनता की पीड़ा और समस्याओं को सुनना लेकिन मुख्यमंत्री ने केवल भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से ही जनसवांद किया। सच्चाई सामने वाले लोगों को तो बाहर ही रोक लिया गया।

विधायक चिरंजीव राव ने कहा मुख्यमंत्री ने स्वयं माना है कि पिछले 8 साल से उनको पता है कि धारूहेड़ा में दूषित पानी आ रहा है उसके बावजूद भी धारूहेड़ा के दूषित पानी का समाधान नहीं होना बड़ा ही निराशाजनक है। मुख्यमंत्री को धारूहेड़ा के दूषित पानी से पीड़ित लोगों के बीच जाकर उनकी पीड़ा सुननी थी। मुख्यमंत्री बाजरे के खेत में जाकर फोटो खिंचवा सकते हैं तो दूषित पानी से पीड़ित लोगों के बीच भी जा सकते थे। लेकिन जनसंवाद कार्यक्रम केवल खानापूर्ति बनकर रह गया। वही दूषित पानी डालने वाली कंपनी के खिलाफ नाम सहित एफ आई आर दर्ज होने की अज्ञात लोगों के खिलाफ। विधायक चिरंजीव राव ने बताया मुख्यमंत्री की कार्यशैली से नाराज होकर भाजपा नेता मनोज सैनी, नानक खोला, कंवर सिंह इत्यादि ने इस्तीफा तक दे दिया।

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विधायक चिरंजीव राव ने कहा जनता का गुस्से में आना लाजमी है। लोगों को बड़ी आशाएं थी कि मुख्यमंत्री रेवाड़ी में आ रहे हैं तो कोई बड़ी सौगात तो देंगे और साथ ही छोटी सभी समस्याओं का निदान भी करके जाएंगे। लेकिन बड़े अचंभे की बात रही अहीर रेजिमेंट बनवाने की मांग कर रहे लोगों को और एम्स संघर्ष समिति को तो मुख्यमंत्री से मिलने ही नहीं दिया। धारूहेड़ा व रेवाड़ी बस स्टैंड के बारे में बताया कि 2024 जून में उद्घाटन होगा जबकि पिछले 3 साल से परिवहन मंत्री भी 3 बार इसी तरह उद्घाटन का समय दे चुके हैं, मुझे भाजपा की इच्छाशक्ति में कमी लगती है कि उनको जनता के कार्यों से कोई सरोकार नहीं है। इसी तरह मसानी में पर्यटन स्थल बनने की बात भी हवा हवाई ही रही। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज, लड़कों के राजकीय कॉलेज की बिल्डिंग, लड़कियों के स्कूल की बिल्डिंग, टूटी सड़कों इत्यादि के बारे में तो मुख्यमंत्री ने एक शब्द ही नहीं बोला। रेवाड़ी को नगर निगम बनाने के लिए भी मुख्यमंत्री ने साफ मना कर दिया। वहीं इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय की भी खस्ता हालत हो चली है, उस पर भी कुछ बजट आना चाहिए। केवल एक पेंशन को बनवा कर मुख्यमंत्री वाहवाही लूट रहे हैं। जबकि यह तो बहुत बड़ी ना कामयाबी है कि एक पेंशन मुख्यमंत्री द्वारा बनवाई जा रही है। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश की जनता कितनी परेशान है। हजारों लोग अपनी पेंशन बनवाने के लिए दर दर की ठोकर खा रहे हैं। नगर परिषद की जगह पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। जब लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने यह बात रखनी चाहिए तो उनको मिलने ही नहीं दिया। कुल मिलाकर हम कह सकते हैं कि मुख्यमंत्री का रेवाड़ी में जनसंवाद कार्यक्रम कुल मिलाकर विफल रहा जिसे हम लोग शो कह सकते हैं।

विधायक चिरंजीव राव ने आरोप लगाते हुए कहा क्या रेवाड़ी शहर रेवाड़ी जिले का हिस्सा नहीं है। रेवाड़ी आने के बावजूद मुख्यमंत्री का रेवाड़ी शहर से दूरियां बनाना क्या समझा जाए। नगर पार्षदों को काफी उम्मीद थी कि वे मुख्यमंत्री के सामने अपना दर्द बयां करेंगे। किस तरह से वे जनता के कार्य कराने में असमर्थ महसूस करते हैं। नगर परिषद में किस तरह भ्रष्टाचार का बोलबाला है। जनप्रतिनिधियों से न मिलकर मुख्यमंत्री ने उनका अपमान किया है। रेवाड़ी शहर की मुख्य समस्याएं बरसाती पानी की निकासी न होना, बेसहारा पशु, जगह जगह कूड़े के ढेर, ट्रैफिक जाम की समस्या, कानून व्यवस्था, पीने का पानी एक दिन छोड़कर एक दिन आना, नहर का समय से ना आना इत्यादि ना जाने कितनी समस्याएं रेवाड़ी शहर में फैली हुई है। इसलिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को एक बार रेवाड़ी शहर में अवश्य आना चाहिए था। विधायक चिरंजीव राव ने केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा यहां के सांसद होने के नाते उनका फर्ज बनता था कि मुख्यमंत्री के सामने यहां की सभी समस्याओं को रखें। लेकिन कार्यक्रम से दूरियां बनाना राव इंदरजीत सिंह की इलाके के प्रति उदासीनता को उजागर करता है। चुनाव से 1 वर्ष पहले मुख्यमंत्री से न बनना राव इंद्रजीत सिंह का वही पुराना घिसा-घिसाया बहाना फिर सामने आ रहा है।

विधायक चिरंजीव राव ने निर्णय लिया है कि वे जनप्रतिनिधियों को साथ में लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात चंडीगढ़ में करेंगे और लिखित में रेवाड़ी के सभी मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे।
रेवाड़ी से आदर्श शर्मा की रिपोर्ट