केंद्र की तर्ज पर पिछड़ा वर्ग को क्लास-वन में प्रदान किया जाए पूरा 27 फीसदी आरक्षण

केंद्र की तर्ज पर पिछड़ा वर्ग को क्लास-वन में प्रदान किया जाए पूरा 27 फीसदी आरक्षण
भाकली-2 के आसपास लगाए गए 7-ए को हटाकर आसपास के छह गांवों के लोगों को राहत पहुंचाएं सरकार
कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाई मांगे
रेवाड़ी। 29अगस्त आदर्श शर्मा कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने विधानसभा सत्र के शून्यकाल में अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारियों को प्रमोशन में 20 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने तथा बीसी-ए को नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका व पंचायतों में आठ फीसदी आरक्षण देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए केंद्र सरकार की तर्ज पर बीसी-ए व बीसी-बी क्लास-वन व टू के लिए पिछड़ा वर्ग को पूरे 27 फीसदी आरक्षण दिए जाने, केंद्र सरकार की तर्ज पर बीसी-बी क्रिमीलेयर के आरक्षण की स्लैब को सैलरी व कृषि आय को हटाकर आठ लाख की स्लैब लागू करने तथा तथा कोसली क्षेत्र के भाकली-2 में हुडा सेक्टर के कारण छह गांवों में लगाए गए 7-ए को हटाए जाने की मांग को जोरदर ढंग से उठाया।
कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने विधानसभा में अपनी बात रखते हुए सर्वप्रथम अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारियों के प्रमोशन में 20 फीसदी का आरक्षण व नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका व पंचायत चुनाव में बीसी-ए को आठ फीसदी आरक्षण देने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने अपनी मांग को रखते हुए कहा कि तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के लिए बीसी-ए व बीसी-बी के टोटल 27 फीसदी आरक्षण (बीसीए-16 व बीसीबी-11) है। जबकि क्लास वन व टू के लिए बीसी-ए व बीसी-बी को मात्र 15 फीसदी आरक्षण दिया गया है। जबकि पिछड़ा वर्ग का हक 27 फीसदी बनता है। इसलिए प्रदेश सरकार बीसी वर्ग के शेष 12 फीसदी आरक्षण को भी बढ़ाने कार्य करें, ताकि पिछड़ा वर्ग के साथ न्याय हो सके। उन्होंने कहा कि पूरे भारतवर्ष में मंडल कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी नौकरियों में प्रथम श्रेणी से लेकर चतुर्थ श्रेणी व शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश हेतू एक समान आरक्षण है। इसके बावजूद हरियाणा में इंद्रा साहनी बना केंद्र सरकार के फैसले व केंद्र सरकार के आदेशों की उल्लंघना व अवमानना की जा रही है। जिससे पिछड़ा वर्ग में सरकार के प्रति गहरा असंतोष व आक्रोष है।
कोसली विधायक ने कहा कि केंद्र सरकार में बीसी-बी के क्रीमिलेयर को आरक्षण के लिए आठ लाख रुपये की स्लैब बनाई हुई है। जिसमें सैलरी व कृषि आमदनी को भी शामिल नहीं किया गया है। जबकि हरियाणा सरकार ने इस स्लैब को कम करते हुए आठ के स्थान पर छह लाख रुपये कर दिया। साथ ही वेतन तथा कृषि आय को भी इसमे जोड़ दिया गया है। प्रदेश सरकार इस पर भी विचार करते हुए केंद्र सरकार की तर्ज पर आठ लाख की इंकम स्लैब को लागू करने का कार्य करें।
कोसली विधायक ने यह भी मांग उठाई कि कोसली क्षेत्र के भाकली-2 में 40-50 घरों का एक हुडा सेक्टर कटा हुआ है। उसकी वजह से आसपास के छह गांव भी सेवन-ए के दायरे में लाकर कंट्रोल ऐरिया में शामिल कर लिए गए हैं। जबकि इन छह गांवों का इससे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने मांग उठाई कि सरकार तुरंत प्रभाव से इस 7-ए को हटाने का कार्य करें, ताकि इन गांवों में रहने वाले लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि 7-ए के चलते भाकली-1, भाकली-2 कान्हड़वास, झाल, शहादतनगर, कोसली, नठेड़ा आदि गांवों के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार 7-ए को हटाने का कार्य करें, ताकि लोग अपने मकान बना सके, छोटा-मोटा कारोबार कर सके व बिजली कनेक्शन ले सके।
रेवाड़ी से आदर्श शर्मा की रिपोर्ट

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