क्रांतिकारियों की याद मे स्मारक बनवाने की गणमान्यों ने की मांग

क्रांतिकारियों की याद मे स्मारक बनवाने की गणमान्यों ने की मांग

*भोकरहेड़ी मे चार सदी पूर्व तैमूर की सेना से लोहा लेने वालों व आजादी की लड़ाई मे फांसी खाने वालों की याद मे स्मारक बनवाने की मांग*

*काज़ी अमजद अली*

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*कस्बा भोकरहेड़ी का इतिहास दस सदी पुराना है। राजा भोज के शासन काल मे आबाद हुए गांव का इतिहास बड़ा गौरवशाली है।राजा तैमूर लंग की सेना से लोहा लेने व 1857 की मेरठ क्रांति मे थाना व तहसील को आग लगाकर फांसी खाने वाले क्रांतिकारियों की याद मे स्मारक बनवाने की माँग कस्बावासियो ने की है।*
*मुज़फ्फरनगर जिले की नगर पंचायत भोकरहेड़ी के गणमान्य व्यक्तियों ने कस्बे मे शहीद स्मारक बनवाने की मांग की है।कस्बा निवासी रामपाल सिंह नेता जी बताया की परमार वंश के राजा भोज के शासन काल 1010 से 1055 के मध्य भोजरहेड़ी गांव का आबाद होना बताया जाता है। राजा भोज के नाम पर गांव भोजरहेड़ी पड़ा था, जो कालांतर मे भोकरहेड़ी हो गया। कस्बे के वरिष्ठ नागरिक चौधरी रामपाल सिंह ने बताया की वह कस्बे के इतिहास को पूर्वजों से प्राप्त जानकारी के आधार पर संकलित किये हुए हैं। कस्बे मे महानवीरों ने जन्म लिया।1857 की क्रांति मे कस्बे मे स्थित तहसील व थाना कार्यालयों को जला दिया गया था। इस आंदोलन का नेतृत्व काजी अज़मत अली द्वारा किया गया था। जिसके बाद घटना को अंजाम देने के जुर्म मे क्रन्तिकारी अजमत अली को फांसी की सजा दी गयी थी। तथा तत्कालीन जिलाधिकारी ने कस्बे की जनता पर एक भारी जुर्माना घोषित कर दिया था।इस बड़े जुर्माने को चौधरी बख्शीराम व सेठ मनीराम द्वारा क्विंटलस के वजन मे चांदी के सिक्के देकर अदा किया गया था। कस्बे मे स्थित प्राचीन सिद्धपीठ बाबा गरीबनाथ आश्रम मे 1932 मे हुई खुदाई मे हनुमान जी की हजारों वर्ष की प्राचीन मूर्तीयाँ मिली थी। 1826 मे कस्बे मे तहसील, थाना व परगना मुख्यालय स्थापित किये गये थे। जिन्हे 1857 की क्रांति मे जला दिया गया था।क्रान्तिकारियो की याद मे कस्बे मे स्मारक की स्थापना अवश्य होनी चाहिए।*
*वहीं जनपद के इतिहास के पन्नो पर दर्ज उल्लेख मे कस्बे का इतिहास भी दर्ज है जिसमें फारसी साहित्य मे भारत पर तैमूर के आक्रमण 1399 के दौरान एक जगह का विरोध गंगा किनारे हुआ ओर वह स्थान भोकरहेड़ी है*
*पूर्व चेयरमैन राजेश कुमार ने बताया की कस्बे मे शहीदों का स्मारक बने यह प्रयास शुरू किये जायेगें*
*वरिष्ठ नागरिक काजी मौ. आकिल ने बताया की काजी अजमत अली महान स्वतंत्रता सेनानी थे। स्वतंत्रता के बाद उनके परिजनों ने देश भक्ति का परिचय देते हुए। उनके नाम पर किसी भी सहायता को लेने से यह कहकर इनकार कर दिया था की उनके पूर्वज ने देश के लिए बलिदान दिया था न की किसी आर्थिक मदद के लिए 1970 तक ब्रिटिश कालीन कार्यालयों के अवशेष मोहल्ले के चौक पर रखे रहे।*
*भाजपा नेता चौधरी बृजवीर सिंह का कहना है की युवा पीढ़ी को कस्बे के गौरवशाली इतिहास का स्मरण कराने के लिए कस्बे मे क्रन्तिकारियो की याद मे स्मारक अवश्य बनना चाहिए। चेयरमेन पुत्र सचिन कुमार वामन ने बताया की कस्बे मे शहीद स्मारक बनाने को शीघ्र ही कार्य योजना अमल मे लाई जायेगी।सभासद पति अंकुर, अजय कुमार,अनुज कुमार, रामबीर सिंह,सभासद मुस्तकीम अब्बासी, डॉ. अलीशेर अंसारी, सभासद राहुल गर्ग आदि ने कस्बे मे शहीद स्मारक बनाने की मांग प्रशासन से की है।*