बजट सत्र में पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण के लिए केंद्र प्रस्ताव पारित करें :- भगत सिंह वर्मा

बजट सत्र में पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण के लिए केंद्र प्रस्ताव पारित करें :- भगत सिंह वर्मा

बजट सत्र में पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण के लिए केंद्र प्रस्ताव पारित करें :- भगत सिंह वर्मा

उत्तर प्रदेश को चार भागों में विभाजित किया जाए : वर्मा

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(गौरव सिंघल)
देवबंद (सहारनपुर)।
पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा व भारतीय किसान यूनियन वर्मा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने आज
निकटवर्ती ग्राम गंगदासपुर जट में एक बैठक को संबोधित करते हुए
कहा कि उत्तर प्रदेश देश ही नहीं दुनिया का सबसे बड़ा राज्य है। दुनिया के मात्र चार देश भारतवर्ष, चीन, यूनाइटेड स्टेट अमेरिका व इंडोनेशिया जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश से बड़े हैं। बाकी 193 देश उत्तर प्रदेश से छोटे हैं। यू एस ए की जनसंख्या 35 करोड़ है और वहां पर 50 राज्य हैं। छोटे-छोटे राज्यों के निर्माण से ही देश की उन्नति संभव है। राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि देश के छोटे राज्य हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, तेलंगाना, गोवा, झारखंड इसके उदाहरण है। यह छोटे राज्य शिक्षा, चिकित्सा, विकास, उन्नति, रोजगार और प्रति व्यक्ति वार्षिक आय में उत्तर प्रदेश से काफी आगे हैं। उत्तर प्रदेश बड़ा राज्य होने के कारण यहां कानून व्यवस्था चौपट है। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिले सरकार को 80% राजस्व देते हैं। इसके बावजूद भी पश्चिम प्रदेश शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में सबसे पीछे है। यहां एक भी एम्स नहीं है, आईआईटी नहीं है, एनआईटी नहीं है, आईआईएम नहीं है। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि 45 वर्षों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता गण मेरठ में हाईकोर्ट की बेंच को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इसके बावजूद भी आज तक मेरठ में हाई कोर्ट की बेंच की स्थापना नहीं की गई है। जो यहां की 8 करोड़ जनता के साथ सरासर अन्याय है। जबकि उत्तर प्रदेश से छोटा राज्य महाराष्ट्र में चार हाई कोर्ट की बेंच है, मध्य प्रदेश में तीन हाई कोर्ट की बेंच है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश उपेक्षा के लिए पूर्वांचल की राजनीति और दिल्ली लुटियंस जोन के नेता जिम्मेदार हैं। भगत सिंह वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग करते हुए कहा कि बजट सत्र में उत्तर प्रदेश को चार भागों में बांटकर पृथक पश्चिम प्रदेश के निर्माण का प्रस्ताव पारित किया जाए। पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण होने पर यहां शिक्षा और चिकित्सा अंतरराष्ट्रीय स्तर की होगी और सभी को नि:शुल्क होगी। मेरठ में राजधानी और हाईकोर्ट होगी और एक आई आई टी और एक एम्स भी होगा। तभी यहां के 8 करोड लोगों को लाभ होगा। बैठक की अध्यक्षता पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के प्रदेश संगठन मंत्री धर्मवीर चौधरी ने की।
और संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित नीरज कपिल ने किया। बैठक में प्रदेश सचिव ऋषिपाल गुर्जर, दुष्यंत सिंह, सरदार गुलविंदर सिंह बंटी, आकाश चौधरी, इंद्रपाल सिंह बराड़, प्रदीप बराड़, आदि शामिल रहे।