रामझरोखा के गलत बने पट्टे व लीज तथा अन्य मांगो पर कार्यवाही नही हुई तो अनशन फिर शुरू करेगे
रामझरोखा के गलत बने पट्टे व लीज तथा अन्य मांगो पर कार्यवाही नही हुई तो अनशन फिर शुरू करेगे

रामझरोखा के गलत बने पट्टे व लीज तथा अन्य मांगो पर कार्यवाही नही हुई तो अनशन फिर शुरू करेगे हरीश दवे
-उपखण्ड अधिकारी, पुलिस उपअधीक्षक की वार्ता व लिखित आश्वासन के बाद ज्यूस पीकर अनशन खोला
सिरोही 8 फरवरी (हरीश दवे) राम झरोखा मन्दिर पट्टा प्रकरण, लाल वेरा की सम्पत्ति पर न्यायालय के निर्देशों के बावजूद सनातन धर्म की कमिटी गठित नही होने, अर्बुदा, सारणेश्वर गोचर में अतिक्रमणों के खिलाफ कार्रवाई व बेशहरा गॉवंश की समस्याओं के समाधान के साथ कुल जन हित की सात मांगो को लेकर 5 फरवरी से आमरण अनशन पर बैठे हिन्दू वेव की जिला संयोजक हरीश दवे ने 9 फरवरी सोमवार से आमरण अनशन के साथ जल त्याग की चेतावनी के बाद जिला प्रशशन हरकत में आया व राज्य मंत्री ओटाराम देवासी व जिलाध्यक्ष डॉ रक्षा भण्डारी द्वारा भाजपा के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के बाद उपखंड अधिकारी हरीसिंह देवल, व पुलिस उपाधीक्षक मुकेश चोधरी व नगर परिषद सचिव श्री रमेश नगर परिषद कार्यालय के बाहर आमरण स्थल पर पहुचे ओर उन्होने अनशन कर्ता हरीश दवे व जनप्रतिनिधिमंडल समाज सेवी महावीरजैन, एडवोकेट अशोक पुरोहित, सुरेश सगरवंशी, शंकर सिंह परिहार, एनएस परिहार, नरेंद्र सिंह भाटी के साथ चली आधे घण्टे मंत्रणा के बाद उपखंड अधिकारी व पुलिस उपाधीक्षक से वार्ता व सातों मांगो पर सविस्तार चर्चा के बाद एडवोकेट अशोक पुरोहित व महावीर जैन की रामझरोखा, लालवेरा सनातन सम्पत्तियों पर गहरी वार्ता के बाद आमरण अनशन मार्च महीने तक स्थगित किया व उपखण्ड अधिकारी के सातो मांगो पर लिखित आश्वासन व सोमवार से तहसीलदार व सचिव नगर परिषद को निर्देशित कर स्वयं की मॉनिटरिंग में समुचित कार्यवाही का आश्वासन देने के बाद ज्यूस पीकर अनशन खुलवाया।
रामझरोखे के 69ए में पट्टो को खारिज करने का मामला हाई कोर्ट ने सुनकर डिस्पोजल करने के बावजूद नगर परिषद ने 69 ए में बनाये गलत पट्टो को खारिज करने के लिए पट्टा धारकों को अब तक कोई नोटिस जारी नही किया है, यह जानकारी कल उस वक्त मिली जब उपखण्ड अधिकारी व नगर परिषद के अधिकारी आमरण अनशन स्थल पर वार्ता के लिए आये और आयुक्त आचार्य से बात की ओर अपडेट लिया तो आयुक्त ने यह बताया कि इस मामले में परिषद ने कोई नोटिस जारी नही किया है। आयुक्त ने एडीएम को फोन पर बताया कि परिषद ने ।।ळ जोधपुर से इस मामले में राय मांगी है लेकिन कोई राय प्राप्त नही हुई है।’
एसडीएम ने आयुक्त को निर्देश दिए कि वे हाई कोर्ट की ओर से डिस्पोजल आदेश में दिए गए आदेश की पालना में सभी 8 पट्टा धारकों को विधिवत नोटिस जारी करे।
धरना स्थल पर 90 वर्ष की अंपजीकृत जो लीज डीड हुई है वो नियमो के विपरीत है अतः उस लीज को रद्द की जावे ओर जो 75 लाख का नकद लेनदेन हुआ है वो राशि रामझरोखे के प्रन्यास में जमा करवाई जावे। जब प्रन्यास देवस्थान विभाग से पंजिकृत है तो फिर 75 लाख रुपये किसी व्यक्ति को कैसे दिए गए उसकी जांच कर उनसे राशि वसूल की जाकर प्रन्यास के खाते में जमा करवाई जावे। एडवोकेट अशोक पुरोहित एवम आमरण अनशन पर बैठे हरीश दवे ने उपखण्ड अधिकारी व नगर परिषद के अधिकारी को रामझरोखे की भूमि पर बनाये गए 69ए के पट्टो को नियम विरुद बताते हुए कहा कि 2002 में जिस भूमि का पट्टा नगर पालिका ने बनाया वो किसी व्यक्ति के नाम से नही रामझरोखे के महंत के नाम से बनाया है और किसी मंदिर की भूमि को बेचने या किन्ही व्यक्तियों के नाम उप विभाजन करवाने का कोई अधिकार महंत को नही है ऐसा फैसला सुप्रीम कोर्ट ने अभी हाल ही में दिया था उसके बावजूद नगर परिषद ने कोर्ट के आदेशों की अवेहलना कर 69ए में पट्टे बना दिये और उसके पहले इस भूमि का उपविभाजन भी नियमो के विपरीत कर दिया फिर भी राज्य सरकार ने गलत कार्य करने वालो के विरुद निलंबन तक की कोई कार्यवाही नही की जिससे सिरोही की जनता में भारी नाराजगी व आक्रोश व्याप्त है।
दवे ने उपखण्ड अधिकारी को साफ साफ कहा कि एडमिनिस्ट्रेशन ने नियम विरुद बने 8 पट्टो व 90 वर्ष की बनी लीज को कैंसल नही किया तो वे मार्च में फिर से आमरण अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने अपने मांग पत्र पर कार्यवाही शुरू करने के उपखण्ड अधिकारी के आश्वासन पर कल अनशन समाप्त किया।
अनशन समाप्त करने के बाद मीडिया बंधुओ से बातचीत करते हुए व समर्थको को आभार जताते हुए उन्होने कहा कि उनका धरना किसी व्यक्ति विशेष राज्य सरकार व प्रशासन के खिलाफ नही था न इसका भाजपा कांग्रेस से मतलब है, सिरोही नगर की तमाम जनसमस्याओं व सनातन सम्पत्तियों पर हो रहे कुठाराघात पर जनता व प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों की निंद जगाने के लिये था। उपखण्ड अधिकारी के साथ 8 बजे तक चली चर्चा के बाद सभी व्यवहारिक पक्षो को देख आमरण अनशन को स्थगित किया है क्योंकि आने वाले समय में शादीयां व होली त्योहार जैसे महोत्सव है तथा उक्त प्रकरणों में जिला प्रशासन स्वयं अंधेरे में है या राजनीतिक दबाव में है। जिसको महसूस कर होली के पश्चात जन जागरण व आमसभा कर जनता के समर्थन से पुनः अनशन कार्यवाही न होने की सूरत में किया जायेगा।
दवे ने विप्र समाज,व राजपूत समाज समेत सभी सनातन समाज के प्रबुद्ध जनो व नगर की देव तुल्य जनता को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष सहयोग के लिए आभार जताया।

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