मसानी बैराज को लेकर आर्द्रभूमि प्राधिकरण सख्त,रेवाड़ी डीसी से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

मसानी बैराज को लेकर आर्द्रभूमि प्राधिकरण सख्त,रेवाड़ी डीसी से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

मसानी बैराज को लेकर आर्द्रभूमि प्राधिकरण सख्त,रेवाड़ी डीसी से मांगी विस्तृत रिपोर्ट धारूहेड़ा: रेवाड़ी के सहाबी बैराज मसानी को वेटलैंड घोषित करने की मांग अब प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से ली जा रही है। राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण हरियाणा ने सीधे उपायुक्त रेवाड़ी को पत्र जारी कर इस पूरे मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है, जिससे इस मुद्दे पर कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो गई है। 20 अप्रैल 2026 को राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण हरियाणा के सदस्य सचिव द्वारा जारी पत्र में उपायुक्त रेवाड़ी को निर्देश दिए गए हैं कि मसानी बैराज को वेटलैंड घोषित करने और उसमें हो रहे प्रदूषण के संबंध में जल्द विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। यह कार्रवाई गाँव खरखड़ा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश यादव द्वारा केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय सहित केंद्रीय सम्बंधित विभागों को सबूतों के साथ भेजे पत्र के बाद हुई हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मसानी बैराज (साहबी नदी क्षेत्र) एक प्रमुख जल स्रोत है, जो क्षेत्र के भू-जल स्तर और पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद विभिन्न क्षेत्रों से बिना उपचारित सीवरेज और दूषित पानी सीधे बैराज में छोड़ा जा रहा है, जिससे स्थिति गंभीर बनी हुई है। इस प्रदूषण का असर खरखड़ा, मसानी, तितरपुर, खलीयावास, निखरी, निगानियावास, रालियावास, जडथल, आशियाकी पांचोर, पीथनवास, सांपली सहित कई गांवों पर पड़ रहा है। इसके अलावा संगवाड़ी, भूड़ला, लाधूवास, साल्हावास और बोलनी जैसे अन्य गांव भी प्रभावित हैं। प्राधिकरण ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र भेजी जाए, ताकि आगे आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इस पत्र की प्रति शिकायतकर्ता को भी भेजी गई है। — 📦 बॉक्स: मुद्दे की पूरी पृष्ठभूमि और महत्व गौरतलब है कि प्रकाश यादव पहले ही इस मामले को एनजीटी कोर्ट दिल्ली में उठा चुके हैं, जिसके बाद हरियाणा सरकार, राजस्थान सरकार और केंद्र स्तर पर समाधान के प्रयास जारी हैं। अब राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण के पत्र के बाद इस पूरे प्रकरण ने नई गति पकड़ ली है। विशेष बात यह है कि हरियाणा के सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान और भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य पहले ही रामसर साइट के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त कर चुके हैं। ऐसे में सहाबी बैराज मसानी को भी वेटलैंड घोषित करने की मांग और मजबूत हो गई है। प्रकाश यादव का कहना है कि सहाबी बैराज जल संरक्षण के साथ-साथ प्रवासी पक्षियों के लिए भी उपयुक्त स्थल बन सकता है। सर्दियों में यहां पक्षियों की आवाजाही इसके प्राकृतिक महत्व को दर्शाती है। हालांकि, वर्तमान में बिना उपचारित दूषित पानी छोड़े जाने के कारण बैराज की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जिसका असर जल गुणवत्ता, भू-जल और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की सीधी दखल के बाद अब यह मामला प्रशासनिक प्राथमिकता बनता नजर आ रहा है। यदि रिपोर्ट के आधार पर ठोस कार्रवाई होती है, तो आने वाले समय में सहाबी बैराज मसानी को वेटलैंड घोषित किए जाने की दिशा में बड़ा फैसला संभव है। निवेदक प्रकाश यादव पुत्र श्री फ़तेह सिंह गाँव व् पोस्ट -खरखड़ा जिला -रेवाड़ी (हरियाणा ) पिन -123106 मोबाइल -9992311515